स्तनपान कराना अनदेखा न करे

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माँ का दूध बच्चे के लिए सबसे अच्छा और पोषक होता है . क्योंकि जो भी माँ खाती है वह माँ के दूध द्वारा बच्चे को मिलता है .इसलिए स्तनपान को अनदेखा न करे. बच्चे को कम से कम ६ महीने तक स्तनपान करना जरुरी है . क्योंकि माँ के द्वारा खाये जानेवाले विटामिन ,पोषक तत्व दूध में होते है जिससे स्तनपान कराने से बच्चे के अन्दर विटामिन , पोषक तत्त्व आ जाते है जो बच्चे  को कई बीमारीयो से बचने में मदद करते है .

 

यहाँ पर हम स्तनपान से होने वाले कुछ सबसे महत्वपूर्ण लाभों को और उससे होने वाले फायदों के बारे में चर्चा करेगें.  

 

1.माँ के दूध में महत्वपूर्ण एंटीबॉडी होते हैं| 

माँ का दूध एंटीबॉडी युक्त होता है जो संक्रमण और जीवाणुओं से आपके शिशु की सुरक्षा करता  हैं। यह विशेष रूप से कोलोस्ट्रम (पहला दूध है, जो गर्भावस्था के दौरान आपके स्तनों में बनता है) पर लागू होता है, पहला दूध कोलोस्ट्रम इम्युनोग्लोबुलिन ए (आईजीए) के उच्च उपायों के साथ-साथ कुछ अलग एंटीबॉडी भी देता है। संक्रमण या जीवाणुओं हो जाता है, तो माँ का दूध एंटीबॉडी देने शुरू कर देती है। आईजीए शिशु को शिशु के नाक, गले और पेट संबंधी पाचन तंत्र में एक रक्षात्मक परत बनाने से बीमार होने से ढाल देती है। नतीजतन, फ्लू वायरस से माताओं को स्तनपान कराने से वास्तव में एंटीबॉडी के साथ बच्चों को प्रदान कर सकते हैं जो बीमारी पैदा कर रहे रोगज़नक़ों से लड़ने में सहायता करते हैं।   फिर भी, यदि आप बीमार हैं, तो आपको सख्ती से सफ़ाई करना चाहिए। अपने हाथों को अक्सर धोएं और संक्रमित होने के लिए अपने बच्चे से बचने की कोशिश करें। विभिन्न परीक्षाएं यह दर्शाती हैं कि जिन बच्चों को स्तनपान नहीं कराया जाता है वे स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों जैसे डायरेरिया, संक्रमण और निमोनिया की शिकायत रहती है .  

2. कैंसर का जोखिम कम होता है

स्तनपान से  बच्चे में बचपन के कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है. आपको प्रीमेनोपॉस्सल स्तन कैंसर और डिम्बग्रंथि के कैंसर का खतरा  कम होगा .जो अक्सर कैंसर को बढ़ावा देते है .    

3. स्तनपान आपका वजन कम करने में मदद कर सकता है

कुछ महिलाये स्तनपान कराती है तो उनका वजन कम होता है . क्योकि हर दी स्तनपान कराने से महिलाओ की शारीर में खिचाव उत्पन्न होता है जो वजन को कम करने में मदद करता है . क्युकी स्तनपान कराते वक़्त दैनिक रूप से एक माँ को कम से कम  500 कैलोरी की जरूरत पड़ती है .हालांकि प्रत्येक दिन के लिए लगभग 500 कैलोरी स्तनपान करानेवाली माँ की जीवन शक्ति की मांग को बढाता है,  इसलिए शरीर के हार्मोनल समायोजन विशिष्ट रूप से अलग होते हैं। इन हार्मोनल परिवर्तनों के कारण, लैक्टेटिंग महिलाओं की विस्तारित तरस होती है और वजन भी बढ़ सकता है। जो माँ अपने बच्चे  को स्तनपान नहीं कराती उनसे जल्दी स्तनपान करनेवाली माँ  अपना वजन कम कर सकती है . याद करने की महत्वपूर्ण बात यह है स्तनपान करनेवाली माँ को अपने आहार में पोषक तत्व और व्यायाम को करते रहना चाहिए ताकि वो अपने वजन को बढ़ने न दे .

 

4. अकस्मात शिशु मृत्यु सिंड्रोम का खतरा कम रहता है

स्तनपान आपके शिशु के अचानक शिशु मृत्यु सिंड्रोम के लगभग आधे से खतरे को नीचे लाता है    

 

5. स्तन दूध एक स्वस्थ वजन को बढ़ावा देता है  

स्तनपान आपके बच्चे के लिए स्वस्थ वजन बढ़ाता है और बचपन के मोटापे को रोकता है। अध्ययन से पता चलता है स्तनपान किये हुए बच्चो के मोटापे की दर स्तनपान न किये हुए बच्चो से कम है .   यह विभिन्न पेट बैक्टीरिया के विकास के कारण हो सकता है स्तनपान वाले बच्चों में उच्चतम मात्रा में फायदेमंद पेट की जीवाणु होती है, जो वसा वाले भंडारण को प्रभावित कर सकती हैं। स्तनपान पर शिशुओं को खिलाया जाता है, वैसे ही बच्चों के फार्मूले से भी ज्यादा उनके सिस्टम में लेप्टिन होते हैं। लाप्टिन भूख और वसा वाले भंडारण के प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण हार्मोन है। स्तनपान करने वाले बच्चे अतिरिक्त रूप से अपने दूध का सेवन नियंत्रण करते हैं। वे तब तक खाने में बेहतर होते हैं जब तक कि वे अपनी भूख को पूरा नहीं करते, जिससे उन्हें स्वस्थ खाने के पैटर्न बनाने में मदद मिलती है।  

 

6.स्तनपान से  मधुमेह का खतरा कम रहता है  

यदि माँ अपने बच्चे को स्तनपान कराती है तो बच्चे और माँ दोनों को मधुमेह  होने का खतरा कम रहता है .लेकिन जो बच्चे स्तनपान नहीं कर पते उन्हें बचपन में होनेवाले मधुमेह का खतरा होता है .  

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       Written by

      Shweta Bhatt