कुछ ऐसे होते हैं प्रेग्नेंसी से जुड़े लक्षण.

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माँ बनना दुनिया का सबसे खुबसूरत एहसास होता है। हर विवाहित स्त्री बेसबरी से माँ बनाने का इन्तजार करती है। शादी के बाद महिलाओं में कई शारीरिक और मानसिक बदलाव आते है। जिससे, वे ठीक से अंदाजा नहीं लगा पति है कि वे गर्भवती है या नहीं। यूँ तो प्रेग्नेंसी टेस्ट करने के लिए बाजार में कई तरह के उपकरण और दवाइयां मौजूद हैं। पर आप बिना किसी उपकरण और दवाइयां के भी इन लक्षणों का पता लगा सकते हो।

आज हम आपको प्रेग्नेंसी से जुड़े कुछ लक्षणों के बारे में बतायेगे , जिनकी मदद से आप आसानी से पता लगा सकते है कि आप प्रग्नेट है या नहीं। 

मासिक धर्म में देरी – गर्भधारण के शुरुवाती दिनों में मासिक धर्म में देरी हो सकती है और मासिक धर्म से कुछ कम रक्तर निकलता है। कई बार महिलाएं इसे लेकर भ्रमित हो जाती हैं कि उन्हेंम पीरियड्स हो चुके हैं ऐसे में उन्हेंल ध्यान नहीं रहता कि वो प्रेग्नेंट हैं।

चक्कर आना  - जैसा कि हम सब जानते है, कि चक्कर आना प्रेगनेंसी के सबसे आम संकेतों में से एक है। 

जी मचलना या उलटी - अगर आप भाग्यशाली हुईं, तो मिचली की समस्या से बच गई हो। प्रेगनेंसी में, अक्सर  सुबह के समय की मिचली बेहद सामान्य लक्षण है। गर्भावस्था में दिन की शुरुआत काफी बोझिल होती है। कई बार कुछ खाने पर उल्टी जैसा महसूस होने लगता है।

थकान- गर्भावस्था के दौरान काम करने पर थकान महसूस होती है। हाथ पैर में हल्का दर्द भी महसूस होता है। इस समय शरीर में रक्तर के बनने में वृद्धि होती है ताकि बच्चेज तक सभी पोषक तत्वों  को पहुँचाया जा सकें। ऐसे में थकान आना स्वारभाविक है।

मूड में बदलाव - शरीर में हारमोन्सक के बढ़ने से मूड उखड़ा रहता है। समय-समय पर मूड भी बदलता रहता है। कभी कोई चीज अच्छी लगने लगती है तो कभी उसी चीज से नफरत हो जाती है। कभी बहुत अच्छात और कभी बहुत बुरा लगता है।

कब्ज की शिकायत - ब्लड वॉल्यूम बढ़ जाने की वजह से सिर में दर्द रहने लगता है। ये गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में से एक प्रमुख लक्षण है। पर धीरे-धीरे ये खुद ही ठीक हो जाता है।

दिल की धड़कन का तेज होना- प्रग्नेंसी के 10 से 12 हफ़्तों के बाद, महिलाओं का दिन तेजी से पम्प करने लगता है। जिसे महिलाएं परेशान रहती है। ऐसा हार्मोन के परिवर्तन के कारण होता है।

स्तनों में भारीपन और बदलाव- ये बेहद सामान्य लक्षण है। दरअसल, स्तन के ऊतक हॉर्मोन्स के लिए काफी  संवेदनशील होते हैं। प्रेगनेंसी के दौरान, शरीर में हॉर्मोनल बदलते रहते है।  इससे स्तनों में सूजन आ जाती है जिसे  भारीपन महसूस होता है।

 महिलाओं के स्तन पर स्थित काले रंग से भाग को निप्पल कहते है। प्रेगनेंसी के समय कुछ महिलायों के निप्पल के रंग गहरे हो जाते है। ये बदलाव प्रेगनेंसी के लक्षणों में सबसे महत्वपूर्ण है।

और भी कई संकेत है जिनकी मदद से आप पता लगा सकते है कि आप प्रेग्नेंट है या नहीं। पर हाँ आप डॉक्टर इसे अवश्य कन्फर्म करें।

 

Written By

Usha Singh