ध्रूमपान सेहत के लिए हानिकारक क्यों?

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ध्रूमपान (सिगरेट पीना, स्मोकिंग) करना सेहत के लिए बहुत हानिकारक है इसके बहुत से नुकसान है| ध्रूमपान करने से शरीर में व्यापक प्रभाव पड़ता है| इसकी वजह से दिल के धमनियों में खून का बहाव कम हो सकता है| दिल के रोग जैसे मायोकोर्डिअल इनर्फाकशन और अनजाइना हो सकता है| रक्तचाप (blood pressure) बढ़ सकता है| ध्रूमपान के पैक(डब्बे) पर लिखा होता है ध्रूमपान करना स्वास्थ के लिए हानिकारक है| यह जान लेवा है, इससे कैंसर होता है ध्रूमपान और तंबाकू का सेवन करने से लाखों जिंदगियां ख़तम हो चुकी है, और हो रही है| साँस कि बीमारी जैसे ब्रोंकाइटीस, दमा, फेफडों का कैंसर हो सकता है| इससे ज्यादा इसका असर शरीर के स्नायुतंत्र में पड़ता है| ध्रूमपान करने से सबसे ज्यादा नुकसान आपके फेफडों को होता है, बड़ी सिगरेट पीने से फेफड़ों को ही नुकसान नहीं पहुँचता बल्कि इसके सेवन से पुरे शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है|

ध्रूमपान करना यह एक लत है| निकोटीन एक दवा है, निकोटीन का कारण बनती है, वह हेरोइन, कोकीन (13)जैसी दवाओं का इस्तेमाल कर के उत्पन्न नशे के समान है| निकोटिन तंबाकू के जो विशेष रूप से सिगरेट और तंबाकू के पौधे में प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है| लेकिन तंबाकू कंपनिया जानबूझकर सिगरेट बनाती है, ता कि लत लग जाए और एक बार यह लत लगती है तो इससे छुड़ाना बहुत मुश्किल हैं|

ध्रूमपान का कोई फाएदे नहीं है इसके नुकसान ही नुकसान है जो हमारे शरीर को खोखला करते है और कैंसर का रोगी बनाते है| सिगरेट पीने वालो को जितना नुकसान होता है वैसे ही इसके धुंवे से आस पास के लोगों को लंग कैंसर होने का खतरा रहता है|

 

ध्रूमपान छोड़ने के फायदे

ध्रूमपान छोड़ने के कुछ वक़्त बाद आपको आपके शरीर में गतिविधियाँ देखने को मिलती है| ध्रूमपान बंद करने के कुछ मिनट बाद आपके अन्दर आपकी उच्च(high) दिल कि गति और रक्त में कमी दिखने लगेगी| 12 घंटे बाद आपके खून में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर कम हो कर सामान्य पर पहुँच जायेगा| वहीँ 2 से 12 सप्ताह में आपके शरीर के भीतर खून का बहाव और फेफड़ों की क्षमता बढ़ जाएगी|

 

ध्रूमपान छोड़ने के बाद आपको दिल की बीमारी होने का ख़तरा कम होजाता है| 10 साल बाद ध्रूमपान करने वालो कि तुलना में आपके जीवन की आयु उनसे 10 साल बढ़ जाती है| और ध्रूमपान करने वालो की जिंदगी छोटी होती चली जाती है|

ध्रूमपान बंद करने से शरीर में होने वाले कैंसर का खतरा कम रहता है, उद्धरण के तौर पर गले, मुंह, मुत्राश्ये, गर्भाश्ये, अगन्याश्ये में कैंसर का खतरा कम होजाता है|

 

ध्रूमपान करने वाली महिलाओं में कई समस्याएं हो सकती है खास तौर पर जब कोई महिला गर्भवती हो उसके गर्भ में पलने वाले बच्चे पर इसका बुरा असर पड़ता है| वही गर्भधारण में कठिनाई, गर्भपात, समय से पहले जन्म, जन्म के समय बच्चे का वज़न कम होना जैसी समस्याएं कम होजाती है|

ध्रूमपान छोड़ने पर आपके बच्चे में सेकंड हैण्ड स्मोक से होने वाली स्वस्थ संबंधी बिमारियों का खतरा कम हो जाता है|

वहीं पांच साल तक पहुंचने पर मस्तिष्काघात का खतरा नॉन स्मोकर के स्तर पर पहुंच जाएगा।

 

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Written By

Tabassum Shah